रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण पहल आगे बढ़ाई गईं। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। साथ ही चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू हुआ तथा नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन, कौशल विकास और डिजिटल गवर्नेंस को आपस में जोड़कर काम किया जा रहा है।
सेवा सेतु की 907 सेवाएं CSC से भी जुड़ेंगी
चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच हुए एमओयू के बाद सेवा सेतु पोर्टल की नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत कम होगी और नजदीकी केंद्रों से अधिक सेवाएं मिल सकेंगी।
वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों से ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। 1 अप्रैल 2025 से अब तक पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक का निराकरण किया गया है। वहीं प्रदेश में 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से 600 से अधिक शासकीय एवं व्यावसायिक सेवाएं दी जा रही हैं।
250 करोड़ की लागत से बनेगा स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। संस्थान के निर्माण पर करीब 250 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। यहां हर साल करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देने और लगभग 20 अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रस्तावित है।
वहीं, नवनियुक्त उप अभियंताओं को नवा रायपुर के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को प्राथमिकता देने की बात कही।

