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*विश्व रेबीज दिवस 28 सितंबर विशेष -पूर्व सीएमएचओ, डॉ एफ आर निराला**रेबीज : 100% जानलेवा, 100% रोकथाम संभव*

*विश्व रेबीज दिवस 28 सितंबर विशेष – डॉ एफ आर निराला**रेबीज : 100% जानलेवा, 100% रोकथाम संभव*

*1. रेबीज क्या है?*
Rhabdovirus है जो सीधे नर्वस सिस्टम पर हमला करता है। लार में रहता है। नसों के रास्ते रोज 1-2 cm चलकर दिमाग तक पहुंचता है। दिमाग में सूजन (Encephalitis) के बाद कोई इलाज नहीं।

*2. कुल रेबीज में किस जानवर से कितनी मौत? (WHO / ICMR डेटा)*

*दुनिया में:* हर साल ∼59,000 मौतें, इसमें *99% मौतें कुत्ते के काटने से* होती हैं।

*भारत में:*
– 9.1 मिलियन Animal Bite हर साल होते हैं, जिसमें *76.8% कुत्तों के काटने से*
– मानव रेबीज मौतों में *96-97% मौतें सिर्फ कुत्ते के काटने से*
– बाकी *3% में बिल्ली और जंगली जानवर (गीदड़, लोमड़ी, नेवला, बंदर) से*
– भारत दुनिया की 35% और एशिया की 59.9% रेबीज मौतों का अकेला देश है

*3. पागल कुत्ते / जानवर की पहचान*

*A) उग्र रूप (Furious) 80% केस:*
अपने मालिक को भी काटना, बिना वजह भागना-भौंकना, मुंह से लार, पानी/हवा/रोशनी से डर (Hydrophobia/Aerophobia), लकड़ी-पत्थर चबाना।

*B) गूंगा रूप (Dumb/Paralytic):*
शांत, कोने में छुपना, जबड़ा लटकना, भौंक बंद, लार टपकना। लोग गले में हड्डी फंसी समझकर हाथ डाल देते हैं और खुद शिकार बन जाते हैं।

> *सबसे बड़ा धोखा – हर पागल कुत्ता भौंकता नहीं।*

*4. 100% Fatal क्यों?*
वायरस पैर में काटे तो दिमाग तक पहुंचने में हफ्ते-महीने लगते हैं, चेहरे/हाथ पर काटे तो दिन। एक बार लक्षण – बुखार, घाव में झुनझुनी, पानी से डर, पागलपन, लकवा शुरू हुए तो आज तक दुनिया में गिने-चुने लोग ही बचे हैं।

*5. काटते ही क्या करें – 10 मिनट में जीवन बचाएं*

*धोना-धोना-धोना:* नल के बहते पानी + साबुन से 15 मिनट तक रगड़कर धोएं। मिर्च, चूना, राख, गोबर, पत्थर कुछ न लगाएं।

*टीका ही इलाज:*
– ARV: 0, 3, 7, 14, 28 दिन (अब 4 डोज ID रूट से भी)
– RIG: Category-3 (गहरा घाव, खून आना, चेहरे/हाथ/नाखून का घाव) में घाव के अंदर RIG लगवाना अनिवार्य – यही एंटीबॉडी का सुरक्षा कवच है।
– 20% लोग एक भी टीका नहीं लेते, 50% कोर्स पूरा नहीं करते – इसीलिए मौतें होती हैं।

*6. बचाव*
– पालतू कुत्ता-बिल्ली को हर साल टीका
– बच्चों को सिखाएं – अनजान कुत्ते से दूरी
– ABC-ARV – नसबंदी + टीकाकरण ही स्थायी हल

*संदेश: नस्ल कोई भी हो, पागल कुत्ता सबको काटता है। धोएं, टीका लगवाएं, जान बचाएं।*

*- डॉ एफ आर निराला, Ex-CMHO, निराला हॉस्पिटल पलारी*P

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