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बादलों में छिपा करवा चौथ का चांद,  चक्रवात ने बढ़ाई सुहागिनों की धड़कनें

* *बादलों में छिपा करवा चौथ का चांद,  चक्रवात ने बढ़ाई सुहागिनों की धड़कनें*

​करवा चौथ का दिन और आसमान में चक्रवात का तगड़ा डेरा!

महिलाओं की सांसें इस बात पर अटकी हुई हैं कि कल बादलों का सीना चीरकर ‘चांद’ दर्शन देगा या नहीं।
पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखने वाली सुहागिनों के लिए आज का दिन किसी ‘अग्नि परीक्षा’ से कम नहीं है।
मौसम विभाग ने पहले ही डरा दिया है कि आज, कल  आंधी, तूफान और झमाझम बारिश जारी है यानी आसमान में बादलों की ऐसी तगड़ी नाकाबंदी होगी कि चांद का वहां से झांकना भी नामुमकिन लग रहा है।

*​पतियों पर टूट रहा कहर, पर अंदर से हैं गदगद*
आसमान में चांद न दिखने का टेंशन लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका सीधा असर पतियों पर पड़ रहा है।
किसी न किसी बहाने से सारा गुस्सा घर के उसी ‘चांद’ (पति) पर निकाला जा रहा है।
माताओं और बहनों को ज्यादा टेंशन न हो, इसलिए शिक्षा विभाग ने भी आनन-फानन में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। लेकिन भैया, छुट्टी देने से आसमान के बादल थोड़े ही छंट जाएंगे!

​इधर, बीवियों के गुस्से के शिकार हो रहे पति अंदर ही अंदर गदगद हैं और मन ही मन चक्रवात को धन्यवाद दे रहे हैं। *उनकी इस गुप्त खुशी का राज यह है कि इस तूफानी बारिश के कारण करवा चौथ की महंगी शॉपिंग से वे साफ बच गए हैं*।
ऊपर से मोदी जी ने भी पहले ही कह दिया है कि “सोना मत खरीदना”, तो पतियों को तो बैठे-बिठाए ब्रह्मास्त्र मिल गया है। उनकी तो मौज हो गई!

*​सजी-धजी बैठी रहेंगी घर की ‘चांद’*
महिलाओं के लिए यह एक विकट संकट है। वे खुद 16 श्रृंगार करके एकदम ‘चांद’ की तरह सज-धज कर बैठी रहेंगी, लेकिन जिस चांद को देखकर पानी पीना है, उसका दीदार इस मौसम में असंभव माना जा रहा है। चांद के इस नखरे को देखते हुए कुछ जुगाड़ू लोगों ने करवा चौथ को दो दिन बाद मनाने का निर्णय भी ले लिया था। लेकिन भई, मामला पति की लंबी उम्र का है, रिस्क कौन ले? इसलिए करवा चौथ का उपवास तो 29 अक्टूबर को ही माना जा रहा है।

इस गंभीर और राष्ट्रीय समस्या पर जब हमने ‘शक्ति औषधालय’ के मशहूर डॉक्टर मथुरा प्रसाद जोशी जी से राय ली, तो उन्होंने सारा ठीकरा इंसानों के सिर फोड़ दिया। डॉ. जोशी ने स्पष्ट रूप से कहा- “देखिए, पाप का घड़ा अब पूरी तरह भर गया है। प्रकृति के साथ जो छेड़छाड़ की गई है, उसी का नतीजा है कि करवा चौथ के ऐन मौके पर यह चक्रवाती तूफान आया है। ऐसा खौफनाक माहौल मैंने पिछले 40 सालों में नहीं देखा।”
​डॉक्टर साहब ने आगे महिलाओं को एक बेहद प्रैक्टिकल सलाह देते हुए कहा, “इस मौसम में चांद का दीदार करना असंभव है। इसलिए पंचांग देखिए, *उचित समय पर पूजा-पाठ कीजिए और छन्नी से अपने पति का ही चेहरा देखकर उपवास तोड़ लीजिए*। इस बार उसी से काम चलाना पड़ेगा!”
​तो कुल मिलाकर, इस बार का करवा चौथ बादलों की गड़गड़ाहट और पतियों की गुप्त मुस्कुराहट के बीच मनाया जाएगा। अब देखना यह है कि  बादलों के पीछे से असली चांद निकलता है, या घर में पत्नियों का रौद्र रूप!

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