रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में मंगलवार को सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। रामलीला मैदान से रैली निकालकर वे कलेक्ट्रेट पहुंचीं, जहां मुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने मांगों का जल्द निराकरण करने की अपील की और नियमितीकरण सहित मानदेय बढ़ाने की मांग उठाई।
रैली के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों की शुरुआत के करीब 51 साल बाद भी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कई बुनियादी सुविधाओं और लाभों का इंतजार है।
आंगनबाड़ी कर्मियों की प्रमुख मांग नियमितीकरण की है। उन्होंने कहा कि नियमित कर्मचारी का दर्जा मिलने तक श्रम कानूनों के तहत कार्यकर्ताओं को हर महीने 30 हजार रुपये और सहायिकाओं को 25,500 रुपये मानदेय दिया जाए। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, लगातार बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा आर्थिक व्यवस्था में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
ज्ञापन में पदोन्नति से जुड़ी मांगें भी शामिल हैं। कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठता के आधार पर उन्हें पर्यवेक्षक और सहायिकाओं को कार्यकर्ता के पद पर पदोन्नत करने की मांग की। उन्होंने पदोन्नति के लिए उम्र की सीमा नहीं रखने की बात भी रखी।
इसके अलावा समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) जैसी सुविधाएं देने की मांग की गई। आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने सेवानिवृत्ति के समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पांच लाख रुपये और सहायिकाओं को तीन लाख रुपये का तत्काल भुगतान करने की मांग रखी।
आंगनबाड़ी कर्मियों ने मध्यप्रदेश की तर्ज पर हर साल मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी करने की मांग भी की। उनका कहना है कि विभागीय जिम्मेदारियों के अलावा उनसे दूसरे काम भी लिए जाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से सभी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।

