वरिष्ठजनों का सम्मान हमारी संस्कृति और सेवा का महत्वपूर्ण संकल्प : संजय भूषण पाण्डेय
सारंगढ़-बिलाईगढ़। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, डिजिटल साक्षरता एवं तीर्थयात्रा संबंधी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया तथा उनके अनुभव, आशीर्वाद और जीवन मूल्यों को समाज की अमूल्य धरोहर बताया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ी में उपस्थित वरिष्ठजनों का अभिवादन करते हुए कहा, “इहाँ उपस्थित छत्तीसगढ़ के दाई-दीदी, सियान मन, आप सब ला मोर प्रणाम।” उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का आशीर्वाद ही समाज और आने वाली पीढ़ी की सबसे बड़ी शक्ति है। आपके आशीर्वाद से हमारे क्षेत्र के बच्चे शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ें, हमारा छत्तीसगढ़ नया और सुंदर बने तथा विश्व में भारत का परचम और ऊंचा लहराए—यही हम सभी का संकल्प होना चाहिए।
श्री पाण्डेय ने कहा कि प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक के जीवन में एक इच्छा होती है कि वह अपने जीवनकाल में किसी पवित्र तीर्थ की यात्रा करे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठजनों की तीर्थयात्रा की इच्छा को पूरा करने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, संस्कार, आस्था और जीवन मूल्यों से जुड़ने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में लगाया है। आज समाज और सरकार का दायित्व है कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और सुविधापूर्ण जीवन उपलब्ध कराया जाए। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें ऑनलाइन लेन-देन, बैंकिंग, पेंशन, ओटीपी, संदिग्ध फोन कॉल एवं लिंक से सावधान रहने तथा अपनी व्यक्तिगत एवं संपत्ति संबंधी जानकारी सुरक्षित रखने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने वरिष्ठजनों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या गोपनीय विवरण साझा न करें।
इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं उनके हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि वरिष्ठजनों का सम्मान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारे परिवार और समाज की दैनिक संस्कृति का हिस्सा बनना चाहिए।
श्री पाण्डेय ने कहा कि वरिष्ठजनों के अनुभव, युवाओं की ऊर्जा और बच्चों के सपनों को साथ लेकर ही विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने सभी से वरिष्ठजनों का सम्मान करने, उनकी आवश्यकताओं में सहयोग करने और उनके आशीर्वाद को समाज की शक्ति बनाने का आह्वान किया।

