जन्म दिवस पर मोमबत्तियां नहीं,600 बच्चों के चेहरों की मुस्कान झिलमिलाई,स्वाद,स्नेह और संस्कार: प्राचार्य विभावरी ठाकुर की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ न्योता भोज
==============
सारंगढ़= अक्सर जन्म दिवस की खुशियां आलिशान पार्टियों, मंहगे उपहारों और केक काटने और शोर शराबे तक सीमित रह जाती है।लेकिन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरदी के प्राचार्य और पूर्व डीईओ श्रीमती विभावरी ठाकुर ने अपने जन्म दिवस पर इस पारंपरिक परिपाटी से इतर एक ऐसी मिसाल पेश की है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने लोगों को प्रेरित करेगी।
05 अक्टूबर का दिन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरदी एवं छात्रावासों में अध्ययनरत 600 सौ स्कूली बच्चों के लिए बेहद खास था जब प्राचार्य श्रीमती विभावरी ठाकुर ने अपने जन्म दिवस पर जरूरतमंद बच्चों के बीच पहुंच कर उन्हें स्नेह पूर्वक न्योता भोज कराया। यह न्यौता भोज केवल एक भोजन का आयोजन नहीं था अपितु उन बच्चों के लिए सम्मान,वात्सल्य,और अपनत्व का एक अविस्मरणीय पल था। जब श्रीमती विभावरी ठाकुर स्वयं बच्चों के बीच बैठकर उनकी थालियों में भोजन परोसते हुए उन्हें खिला रही थी,तब उनके चेहरे का भाव एक प्राचार्य का नहीं बल्कि एक स्नेही माँ का था ।बच्चों की आँखों में झलकती तृप्ति और उनके चेहरों की मासूम मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि खुशियां बांटने का असली मजा दूसरों के जीवन में प्रकाश लाने में ही है।
वर्तमान परिवेश में जहां उत्सवों दिखावा संस्कृति हावी होते जा रहा है,वही प्राचार्य श्रीमती विभावरी ठाकुर का यह असाधारण कदम हर नागरिक अधिकारी कर्मचारी और जन प्रतिनिधियों के लिए एक सशक्त प्रेरणा है। न्योता भोज की यह पहल सामाजिक समरसता और समाज के अंतिम छोर पर खड़े बच्चों को यह एहसास कराने का माध्यम है कि वे इस समाज का एक बेहद खास हिस्सा हैं।
प्राचार्य श्रीमती विभावरी ठाकुर ने अपने कर्म और कर्तव्य से यह सिद्ध कर दिया कि सिर्फ प्रशासनिक पदों पर बैठकर निर्देश देने का नाम नहीं है,अपितु अपने आचरण और व्यवहार से समाज को सही दिशा दिखाना ही सच्चा नेतृत्व है।इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती विभावरी ठाकुर ने कहा कि न्यौता भोज केवल भोजन कराने का माध्यम नहीं है,बल्कि यह बच्चों के प्रति स्नेह सामाजिक सरोकारऔर अपनत्व व्यक्त करने का एक बहुत सुंदर प्रयास है।ऐसे आयोजनों से बच्चों से बच्चों में पोषण के साथ साथ समानता और सामाजिक समरसता कर संस्कार भी विकसित होते हैं।

