बैकुंठपुर प.ह.नं.-47 खसरा 127/2 एवं 137/5 कुल 1.468 हेक्टेयर का मामला
रायगढ़। ग्राम बैकुंठपुर पटवारी हल्का नंबर-47 तहसील व जिला रायगढ़ स्थित खसरा नंबर 127/2 एवं 137/5 कुल रकबा 1.468 हेक्टेयर शामिल शरीक खाते की भूमि के अवैध क्रय-विक्रय और नामांतरण को लेकर जिला कलेक्टर से जांच की मांग की गई है।
आवेदक पंकज अग्रवाल पिता ओम प्रकाश अग्रवाल निवासी दानीपारा के खास मुख्तयार द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि उक्त भूमि में सईदा खान पिता फजलूर रहमान का नाम भी दर्ज है। यह भूमि अनुविभागीय दण्डाधिकारी रायगढ़ के राजस्व प्रकरण क्र. 257/1988 के आदेश दिनांक 06.06.1988 के तहत धारा 145 भू-राजस्व संहिता के तहत जप्त कर लगभग तीन दशक तक पुलिस अभिरक्षा में रही।
*जप्ती के दौरान ही बेच दी जमीन*
आवेदक का आरोप है कि जप्ती के दौरान ही दिनांक 12.03.2012 को मनीराम सिंघानिया वगैरह द्वारा सईदा खान एवं उनके वारिसों की बिना अनुमति, बिना सहमति और बिना हस्ताक्षर के रेड-कारपेट बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड डायरेक्टर तरनजीत सिंह व अन्य को विक्रय विलेख निष्पादित कर दिया गया।
इस अवैध नामांतरण को अपर आयुक्त बिलासपुर संभाग कैम्प कोर्ट रायगढ़ ने अपील प्रकरण क्र. 13/अ-6/2019-20 (प्रदीप सिंघानिया विरुद्ध मदन लाल व अन्य) में आदेश दिनांक 20.01.2023 को अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया था, जो वर्तमान में भी प्रभावशील है।
आवेदन के अनुसार एसडीएम रायगढ़ ने दिनांक 22.04.2026 को खसरा नं. 141, 140, 137/2, 137/3, 137/4, 139, 138/2 एवं 127/2 में वर्णित भूमि को जप्ती से मुक्त किया। इसके बाद राजस्व मण्डल बिलासपुर के प्रकरण क्र. आर.एन./13/आर./अ-6/92/2023 में दिनांक 02.07.2026 को बिना गुण-दोष पर निष्कर्ष दिए राजीनामा के आधार पर प्रकरण समाप्त कर दिया गया। अब उसी राजीनामा को आधार बनाकर तहसीलदार रायगढ़ के समक्ष खसरा 127/2 एवं 137/5 के नामांतरण की कार्यवाही फिर से शुरू कर दी गई है।
आवेदक ने बताया कि शामिल शरीक खातेदार सईदा खान की मृत्यु 21.03.2006 को हो चुकी है, जिसके वारिसान आपत्तिकर्ता भी हैं। वारिसान द्वारा तहसीलदार के समक्ष आपत्ति एवं फौती नामांतरण का आवेदन भी प्रस्तुत किया गया है, फिर भी बिना सूचना के कपटपूर्वक नामांतरण की मंशा से कार्यवाही की जा रही है।

