रायगढ़ जिले की ग्राम पंचायत कलमी में शासकीय जमीन पर कथित कब्जे का मामला सामने आया है। मामले को लेकर एसडीएम के समक्ष शिकायत की गई है, जिसमें पिंटू सिंह पर करीब 2,200 वर्गफीट शासकीय जमीन पर कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के बाद राजस्व अमले ने ग्राम कलमी स्थित खसरा नंबर 392 की जमीन का मौके पर निरीक्षण और नाप-जोख की। जांच के दौरान मौके पर 1,681 वर्गफीट क्षेत्र में निर्माण और टीन शेड दर्ज किया गया है। अब मामले में एसडीएम स्तर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
शिकायत के अनुसार, संबंधित जमीन के करीब 1,200 वर्गफीट हिस्से में मकान बना हुआ है। इसके अलावा मकान से लगी लगभग 1,000 वर्गफीट शासकीय भूमि पर भी कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और कथित रूप से कब्जाई गई शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।
शिकायत के बाद राजस्व टीम ने ग्राम कलमी में स्थित खसरा नंबर 392 की जमीन का मौके पर निरीक्षण किया। राजस्व जांच से जुड़े दस्तावेजों में जमीन पर मौजूद निर्माण और टीन शेड की स्थिति दर्ज की गई है। मौके पर नाप-जोख के दौरान 60×22 फीट क्षेत्र में निर्माण पाया गया, जिसका कुल क्षेत्रफल 1,320 वर्गफीट दर्ज किया गया। इसके अलावा 19×19 फीट क्षेत्र में टीन शेड का निर्माण भी दर्ज किया गया, जिसका क्षेत्रफल 361 वर्गफीट है।
राजस्व जांच में दर्ज दोनों संरचनाओं को मिलाने पर मौके पर कुल 1,681 वर्गफीट क्षेत्र में निर्माण और टीन शेड की स्थिति सामने आई है। इस दौरान राजस्व अमले ने जमीन की स्थिति और मौके पर मौजूद निर्माण का माप दर्ज किया। जांच के संबंध में पंचनामा तैयार किए जाने का भी उल्लेख राजस्व दस्तावेज में किया गया है।
मामले में शिकायतकर्ता की ओर से बताए गए 2,200 वर्गफीट कथित कब्जे और राजस्व जांच में दर्ज 1,681 वर्गफीट निर्माण एवं टीन शेड के आंकड़े अलग-अलग हैं। शिकायत में करीब 2,200 वर्गफीट जमीन पर कथित कब्जे का आरोप लगाया गया है, जबकि मौके की राजस्व जांच में निर्माण और टीन शेड के क्षेत्रफल की नाप दर्ज की गई है। ऐसे में कथित कब्जे वाली पूरी भूमि और मौके पर दर्ज निर्माण के बीच की स्थिति को लेकर अंतिम स्थिति प्रशासन की आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
यह मामला अब केवल शिकायत तक सीमित नहीं है, क्योंकि राजस्व अमले की ओर से मौके पर पहुंचकर जमीन और निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया जा चुका है। नाप-जोख के दौरान निर्माण का क्षेत्रफल दर्ज किए जाने और पंचनामा तैयार किए जाने के बाद अब मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया पर नजर है।
शिकायतकर्ता ने एसडीएम से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आग्रह किया गया है कि राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के आधार पर कथित रूप से कब्जाई गई शासकीय भूमि की स्थिति स्पष्ट की जाए। इसके साथ ही यदि जांच में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो उसे नियमानुसार अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की जाए।
राजस्व जांच में दर्ज 1,681 वर्गफीट क्षेत्र में 1,320 वर्गफीट का निर्माण और 361 वर्गफीट का टीन शेड शामिल है। मौके की नाप-जोख के आंकड़े अब राजस्व दस्तावेजों का हिस्सा हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि जांच में दर्ज पूरे 1,681 वर्गफीट क्षेत्र को ही शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के रूप में अंतिम रूप से निर्धारित किया गया है। इस संबंध में एसडीएम स्तर से होने वाली कार्रवाई और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

