रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस पर रायगढ़ में जिला स्तरीय राज्योत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह का शुभारंभ प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई थी। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और छत्तीसगढ़ राज्यगीत के सामूहिक गायन से हुई। समारोह में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि ओपी चौधरी ने प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयासों से 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में आया। उन्होंने कहा कि राज्य ने 26 वर्षों की यात्रा में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में प्रगति की है। उनके अनुसार, वर्ष 2000 में प्रदेश में एक मेडिकल कॉलेज था, जिसकी संख्या अब बढ़कर 21 हो गई है। उन्होंने आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, एम्स सहित विभिन्न राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों का उल्लेख करते हुए युवाओं से इन अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
वित्त मंत्री ने रायगढ़ में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए लगभग 600 करोड़ रुपये के प्रथम चरण के रिंग रोड का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शहर और जिले में हरित क्षेत्र, खेल सुविधाओं, शिक्षा और नागरिक अधोसंरचना के विकास के लिए 100 से अधिक कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इनमें इतवारी बाजार का सिंदूर पार्क, किसान राइस मिल में ऑक्सीजोन, बोईरदादर स्टेडियम में ओलंपिक स्तर का स्विमिंग पूल और एथलेटिक ट्रैक तथा कोड़ातराई में लगभग 100 करोड़ रुपये का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। इसके अलावा केवड़ाबाड़ी, इंदिरा नगर और कायाघाट में पुल निर्माण तथा रामलीला मैदान, भुजबंधान तालाब और मिट्ठूमुड़ा तालाब के जीर्णोद्धार जैसे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दो वर्षों में इन विकास कार्यों का प्रभाव शहर में दिखाई देने लगेगा।
महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविंद्र गबेल और उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने भी स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि विकास का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही को सुशासन के प्रमुख आधार बताते हुए शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत सुविधाओं पर प्रशासन के प्रयासों की जानकारी दी।
समारोह में विभिन्न विभागों ने ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए। इनमें औद्योगिक विकास नीति, स्टार्टअप प्रोत्साहन, झारा शिल्प, प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी, स्वच्छ भारत मिशन और डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी गई। वित्त मंत्री ने स्टॉलों का अवलोकन कर नागरिकों से योजनाओं की जानकारी लेने और पात्रतानुसार लाभ उठाने की अपील की।
राज्योत्सव की सांस्कृतिक संध्या में विभिन्न विद्यालयों, संगीत महाविद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। गणेश वंदना, कथक, बिहू, करमा, राजस्थानी लोकनृत्य, शिव तांडव, पंथी और छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने आभार व्यक्त किया।

