सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित
बच्चों ने चित्रों और विचारों के माध्यम से विकसित भारत का सपना किया साकार
सारंगढ़-बिलाईगढ़। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और विचारों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई (IAS) ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पांडेय, जिला शिक्षा अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षकगण, प्रतिभागी विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे। राष्ट्रपति पदक से सम्मानित शिक्षक यादवेड़ा की भी विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच और अवसर देना ही ऐसे आयोजनों का उद्देश्य है। चित्रकला और भाषण जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करती हैं।
उन्होंने कहा कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), विज्ञान और आधुनिक प्रौद्योगिकी का युग है। विकसित भारत के निर्माण के लिए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना होगा। रक्षा के क्षेत्र से लेकर अंतरिक्ष में उपग्रह भेजने, रॉकेट एवं वायुयान के इंजन तैयार करने तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण तक हर क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, फिजिक्स, स्वास्थ्य तकनीक और चिकित्सा उपकरणों जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं को पहचानें तथा अपनी पढ़ाई और वैज्ञानिक सोच के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान दें। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, शोधकर्ता और तकनीकी विशेषज्ञ बनेंगे। इसलिए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर सीखने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल सेवा की भावना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों में ज्ञान, प्रतिभा, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्र निर्माण की भावना को विकसित करने का भी संकल्प है। विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग देश को तकनीकी रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विकसित भारत, सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण, शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीक जैसे विभिन्न विषयों पर अपने विचार और रचनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत की। आयोजन ने विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।

