रायगढ़। पुसौर ब्लॉक के सूरजगढ़ गांव में महानदी का जलस्तर बढ़ने से घुसा बाढ़ का पानी अब काफी हद तक उतर गया है। हालात सामान्य होने के बाद ग्रामीण अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं और साफ-सफाई में जुट गए हैं। हालांकि एहतियात के तौर पर करीब 122 परिवारों को अभी राहत कैंप में रखा गया है।
गंगरेल डैम के गेट खोले जाने के बाद महानदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी थी। सूरजगढ़ गांव में पानी पहुंचने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे गांव को खाली कराया और ग्रामीणों को पड़िगांव में बनाए गए राहत कैंप में सुरक्षित पहुंचाया था।
बताया गया कि बुधवार सुबह तक गांव से पानी लगभग पूरी तरह उतर गया। इसके बाद ग्रामीण अपने घरों में लौटकर सामान और घरों की सफाई में जुट गए। गांव का पुल दो जिलों को जोड़ता है और बाढ़ के दौरान आसपास के इलाकों में भी जलस्तर बढ़ा था।
मिर्ची और सब्जी की फसलों को नुकसान
बाढ़ के पानी से सूरजगढ़ में मिर्ची और सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। ग्रामीणों द्वारा तैयार किए जा रहे मिर्ची के पौधे भी पानी में खराब हो गए। फिलहाल सैकड़ों एकड़ में फसल प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक नुकसान का आंकड़ा कृषि विभाग के सर्वे के बाद ही स्पष्ट होगा।
गांव के पटवारी रामनिवास पटेल के अनुसार, बाढ़ की स्थिति के दौरान लगातार निगरानी की जा रही थी। अब पानी उतर गया है और हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। प्रशासन की टीम फसल नुकसान का आकलन करेगी, जिसके आधार पर प्रभावित किसानों की स्थिति स्पष्ट होगी।

