रायगढ़। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के रायगढ़ आगमन पर ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर शहर की रेल सुविधाओं और यात्रियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर चर्चा की। काउंसिल ने ट्रेनों की लेटलतीफी, रेल टर्मिनल, यात्री सुविधाओं, रेलवे फाटक, नई ट्रेनों के संचालन और विभिन्न ट्रेनों के रायगढ़ में ठहराव समेत कई मांगें महाप्रबंधक के समक्ष रखीं।
ट्रेड यूनियन काउंसिल के अध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह और सचिव श्याम जायसवाल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले ट्रेनों के समय पर संचालन का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधियों ने कहा कि रायगढ़ से गुजरने वाली कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। जनशताब्दी जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन के भी 2 से 3 घंटे तक विलंब से चलने की बात प्रतिनिधियों ने कही। उनका कहना था कि ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सभी ट्रेनों का समय पर संचालन सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने रायगढ़ रेलवे स्टेशन की यात्री सुविधाओं को लेकर भी अपनी आपत्तियां और मांगें रखीं। काउंसिल के अनुसार रायगढ़ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का महत्वपूर्ण स्टेशन है, लेकिन स्टेशन के बाहर सामान्य जन सुविधा यानी प्रसाधन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। प्रतिनिधियों ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर स्थित प्रतीक्षालय में 20 रुपये देने पर प्रसाधन की सुविधा उपलब्ध होती है। उनका कहना था कि निर्धारित शुल्क वाली यह व्यवस्था सभी वर्गों के यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं है। काउंसिल ने प्लेटफॉर्म के नीचे निशुल्क जन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
रायगढ़ रेलवे स्टेशन में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य का मुद्दा भी प्रतिनिधिमंडल ने उठाया। काउंसिल के सदस्यों ने कहा कि सौंदर्यीकरण का काम काफी धीमी गति से चल रहा है, जिसके कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कार्य को निर्धारित समय सीमा में जल्द पूरा कराने का अनुरोध महाप्रबंधक से किया।
प्रतिनिधिमंडल ने चक्रधर नगर रेलवे फाटक की समस्या को भी प्रमुखता से रखा। काउंसिल के अनुसार न्यायालय और कलेक्ट्रेट के समीप स्थित यह रेलवे फाटक अक्सर बंद रहता है। इससे शहर के लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। प्रतिनिधियों ने चक्रधर नगर रेलवे फाटक पर वैकल्पिक मार्ग के तौर पर ओवरब्रिज या अंडरब्रिज की व्यवस्था किए जाने की मांग की।
प्रयागराज-विशाखापत्तनम ट्रेन के संचालन का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि रायगढ़वासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद इस ट्रेन का 22 फेरों के लिए संचालन शुरू किया गया था, लेकिन बाद में यह सुविधा बंद कर दी गई। काउंसिल ने प्रयागराज-विशाखापत्तनम ट्रेन का स्थायी रूप से साप्ताहिक संचालन शुरू करने की मांग रखी।
ट्रेड यूनियन काउंसिल ने रायगढ़ में रेल टर्मिनल की वर्षों पुरानी मांग का भी उल्लेख किया। प्रतिनिधियों के मुताबिक 14 सितंबर 1998 को रायगढ़ में रेल टर्मिनल की घोषणा की गई थी। टर्मिनल की मांग को लेकर काउंसिल ने 14 सितंबर को प्रदर्शन कर रेलवे प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया था। प्रतिनिधियों ने कहा कि महाराजा चक्रधर रेल टर्मिनल बनने से रायगढ़ से जुड़ी कई रेल सुविधाओं की मांगों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने महाप्रबंधक से इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने रायगढ़ से गुजरने वाली सभी ट्रेनों का रायगढ़ स्टेशन पर ठहराव देने की मांग भी रखी। काउंसिल ने नर्मदा एक्सप्रेस का परिचालन रायगढ़ से किए जाने, कोरबा-रायगढ़ नई ट्रेन शुरू करने और रायगढ़-पुरी तथा रायगढ़-हावड़ा के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग की।
गोंडवाना एक्सप्रेस में पेंट्री कार की व्यवस्था किए जाने का मुद्दा भी प्रतिनिधियों ने उठाया। इसके साथ ही विस्तार कार्यों के नाम पर यात्री ट्रेनों के कैंसिलेशन से यात्रियों को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी महाप्रबंधक के सामने रखा गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि रेल विकास और विस्तार कार्यों के दौरान यात्रियों की सुविधा और वैकल्पिक व्यवस्था को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
ट्रेड यूनियन काउंसिल ने विभिन्न मांगों पर रेलवे प्रशासन से समुचित और सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के प्रयासों से रायगढ़ में रेल सुविधाओं से जुड़ी लंबे समय से लंबित मांगों पर आगे कार्रवाई होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रतिनिधिमंडल में ट्रेड यूनियन काउंसिल के अध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह, सचिव श्याम जायसवाल, कोषाध्यक्ष सुनील मेघमाला, सक्रिय सहयोगी मदन पटेल, विष्णु यादव, वेद प्रकाश अजगल्ले, देवेंद्र साहू, कन्हैया पटेल, श्याम किशोर प्रधान और ‘लड़ेंगे रायगढ़, जीतेंगे रायगढ़’ के अध्यक्ष विनय शुक्ला शामिल थे।

