रायगढ़ । सादगी ही असली नेतृत्व है… इस कहावत को प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने चरितार्थ किया है। भाजपा के कार्यक्रम के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने आम जनमानस के दिल को छू लिया। प्रदेश के वित्त मंत्री, जो करोड़ों के बजट के मुखिया हैं, एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह जमीन पर हरी चटाई बिछाकर, पत्तल के सामने बैठकर भोजन करते नजर आ रहे हैं। न कोई कुर्सी, न कोई टेबल, न कोई अलग पंडाल। कार्यकर्ताओं के मध्य एक आम कार्यकर्ता की तरह कतार बद्ध होकर खाना लिया और जमीन में बैठकर ही भोजन करने लगे।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी कार्यकर्ताओं के लिए भोजन की व्यवस्था थी। आम तौर पर देखा जाता है कि बड़े नेता अलग व्यवस्था में चले जाते हैं, लेकिन ओपी चौधरी जी ने वीआईपी प्रोटोकॉल को दरकिनार कर दिया। वे लाइन में लगे, अपनी थाली ली और वहीं जमीन पर बैठे कार्यकर्ताओं के बीच बैठ गए।
न कोई प्रोटोकॉल, न कोई दिखावा…
भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कहा -यही तो भाजपा की संस्कृति है। जहाँ पद नहीं, सेवा और समर्पण बड़ा होता है। ओपी चौधरी जी ने कलेक्टर रहते हुए भी सादगी नहीं छोड़ी और मंत्री बनने के बाद भी वही सादगी कायम है। पंगत में बैठकर खाना, सबके साथ घुल-मिल जाना – यह संस्कार ही एक कार्यकर्ता को जननेता बनाता है।
जमीन पर बैठकर भोजन करते हुए वित्त मंत्री की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। लोग लिख रहे हैं ऐसे जननेता पर हमें गर्व है। सच ही है, कुर्सी पर बैठकर आदेश देना आसान है, लेकिन जमीन पर सबके साथ बैठना सच्चे नेतृत्व कर्ता की पहचान है।

