रायगढ़। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत रायगढ़ जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के अंतर्गत बिरहोर और पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए आवास, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
जिले के तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा, धरमजयगढ़ और खरसिया विकासखंडों की 52 ग्राम पंचायतों में स्थित 53 पीवीटीजी बसाहटों के 961 परिवार अभियान के दायरे में शामिल हैं। जिला प्रशासन संबंधित विभागों के माध्यम से इन परिवारों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्य करा रहा है। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवारों को सुरक्षित आवास और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अभियान के तहत जिले में आवास निर्माण के निर्धारित 173 के लक्ष्य के विरुद्ध 170 पक्के मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने में मदद मिली है। पेयजल व्यवस्था के अंतर्गत चिन्हित 327 पाइप्ड और सामुदायिक पेयजल संबंधी कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा तीन आंगनबाड़ी संबंधी कार्य पूर्ण हुए हैं, जिससे बच्चों की देखभाल और पोषण व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
दूरस्थ बसाहटों में बिजली पहुंचाने के लिए ग्रिड और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं पर भी काम किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 28 ग्रिड आधारित और 27 सौर ऊर्जा आधारित घरेलू विद्युतीकरण कार्य पूरे हो चुके हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए पांच मोबाइल मेडिकल यूनिट संबंधी कार्य पूरे किए गए हैं। इसके साथ ही दो बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। इन केंद्रों का उपयोग सामुदायिक बैठकों, स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों और शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए किया जा सकता है।
पीएम जनमन के तहत बुनियादी सुविधाओं के साथ पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत आधार, जनधन खाते, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, सिकल सेल जांच, व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे, किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के माध्यम से परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ बसाहटों में रहने वाले पात्र लोगों तक सरकारी सुविधाएं पहुंच सकें।

