रायगढ़। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से नगर निगम रायगढ़, श्रम विभाग और आरटीओ की संयुक्त पहल पर ई-रिक्शा संचालन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति डिग्री लाल साहू और आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय की उपस्थिति में हुआ। इसके तहत महिला हितग्राहियों को ई-रिक्शा चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे रोजगार के नए अवसरों से जुड़ सकें।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आवश्यक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान महिला हितग्राहियों को ई-रिक्शा संचालन की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, जिससे वे वाहन चलाने में दक्षता हासिल कर सकें। इसके माध्यम से महिलाओं को अपनी आजीविका अर्जित करने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।
महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। ई-रिक्शा योजना महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक पहल है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिला हितग्राही आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाकर आजीविका अर्जित कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना परिवार, समाज और शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
सभापति डिग्री लाल साहू ने कहा कि महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाना समाज के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण उन्हें रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में सहायक होगा। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग कर सकेंगी। उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिला हितग्राहियों को ई-रिक्शा संचालन के लिए जरूरी कौशल प्रदान करना है। व्यावहारिक प्रशिक्षण से उन्हें वाहन संचालन में दक्षता हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाने के साथ उन्हें रोजगार से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है, ताकि वे अपनी आजीविका के लिए आत्मनिर्भर बन सकें।
नगर निगम, श्रम विभाग और आरटीओ की इस पहल के माध्यम से महिलाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिला हितग्राहियों को ई-रिक्शा संचालन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

