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रायगढ़-बिलासपुर हाईवे पर बाइक-स्कूटी की भिड़ंत, दो घायल; नगर सैनिक ने दिखाई तत्परता

रायगढ़। रायगढ़-बिलासपुर हाईवे पर चारभाठा और डूमरपाली के बीच रविवार शाम बाइक और स्कूटी की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में बाइक और स्कूटी सवार घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए किसी ने पुलिस या 108 एंबुलेंस को सूचना नहीं दी। इसी दौरान परीक्षा ड्यूटी से लौट रही नगर सैनिक ओमबाई टंडन की नजर हादसे पर पड़ी। उन्होंने तत्काल पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद घायलों को उपचार के लिए रायगढ़ जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

मिली जानकारी के अनुसार हादसा शाम करीब 5 बजे रायगढ़-खरसिया हाईवे के बीच चारभाठा और डूमरपाली के पास हुआ। बाइक और स्कूटी पर सवार लोग आमने-सामने की टक्कर के बाद सड़क पर गिर गए। हादसे में एक युवक को सिर और कान के पास चोट लगी, जिससे खून बह रहा था। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

इसी दौरान खरसिया से लौट रहे रायगढ़ के पत्रकारों ने अपनी कार रोककर घायलों की मदद की। कार में रखे फर्स्ट एड बॉक्स से घायल युवक के सिर पर लगी चोट पर प्राथमिक उपचार किया गया। मौके पर परीक्षा ड्यूटी में तैनात नगर सैनिक ओमबाई टंडन भी पहुंचीं। उन्होंने घायल युवक के सिर पर पट्टी बांधी और स्थिति को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी।

घायल के सिर से खून बहने पर वरिष्ठ पत्रकार संजय बोहिदार ने भी प्राथमिक उपचार में सहयोग किया और खून रोकने के लिए पट्टी को दोबारा व्यवस्थित किया। इस दौरान नगर सैनिक ओमबाई टंडन ने 108 एंबुलेंस को भी फोन कर दुर्घटना की जानकारी दी, ताकि घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके।

सूचना मिलने के बाद कोतरा रोड थाने से प्रधान आरक्षक भूपेंद्र सिंह ठाकुर बलोरो वाहन लेकर करीब 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में घायलों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से रायगढ़ जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में घायलों का उपचार जारी बताया गया है।

घटना के दौरान सामने आया कि सड़क हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ तो जुट गई, लेकिन घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तत्काल पुलिस या 108 एंबुलेंस को सूचना देने की पहल नहीं हुई। ऐसे में नगर सैनिक ओमबाई टंडन की तत्परता महत्वपूर्ण रही। उन्होंने दुर्घटना देखने के बाद बिना देर किए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिससे घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो सकी।

हादसे के बाद यह सवाल भी सामने आया कि सड़क दुर्घटनाओं के दौरान आम लोगों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। दुर्घटना के बाद शुरुआती कुछ मिनट घायल व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में मौके पर मौजूद लोगों द्वारा पुलिस, 108 एंबुलेंस या संबंधित आपातकालीन सेवा को तत्काल सूचना देना और सुरक्षित तरीके से प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराना उपयोगी साबित हो सकता है।

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आसपास से कई वाहन गुजरते रहे, लेकिन बहुत कम लोगों ने अपने वाहन रोककर घायलों की सहायता की। दुर्घटना में घायल व्यक्ति के सिर से खून बहने की स्थिति में मौके पर उपलब्ध फर्स्ट एड बॉक्स का इस्तेमाल कर प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस के पहुंचने से घायलों को अस्पताल भेजा जा सका।

स्थानीय स्तर पर ऐसी घटनाओं को देखते हुए सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की मदद और तत्काल सूचना देने को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। ग्रामीण और हाईवे क्षेत्रों में पुलिस तथा प्रशासन की ओर से लोगों को 108 एंबुलेंस और पुलिस को तत्काल सूचना देने के संबंध में जागरूक किया जाए तो दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकती है।

इस हादसे में नगर सैनिक ओमबाई टंडन की तत्परता ने यह दिखाया कि दुर्घटना के समय मौके पर मौजूद कोई भी व्यक्ति थोड़ी सजगता और जिम्मेदारी के साथ घायल की मदद कर सकता है। परीक्षा ड्यूटी के सिलसिले में क्षेत्र में मौजूद ओमबाई टंडन ने दुर्घटना देखते ही पुलिस और 108 को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस की मदद से घायलों को रायगढ़ जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

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