रायगढ़, 14 सितंबर 2026। रायगढ़ में रेल टर्मिनल की घोषणा को 28 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ ने सोमवार को रेल टर्मिनल सहित यात्री सुविधाओं और रेल सेवाओं में बढ़ोतरी की मांग को लेकर ध्यानाकर्षण प्रदर्शन किया। रेलवे स्टेशन के मुख्य परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्यों ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के महाप्रबंधक के नाम स्टेशन अधीक्षक एस.एस. महापात्रा को ज्ञापन सौंपा।
ट्रेड यूनियन काउंसिल के अध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह और सचिव श्याम जायसवाल ने बताया कि संगठन रायगढ़ में रेल सुविधाओं में बढ़ोतरी की मांग को लेकर लगातार प्रयास करता रहा है। उन्होंने बताया कि 27 मार्च 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के महाप्रबंधक के रायगढ़ प्रवास के दौरान भी 11 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए उनके निराकरण की मांग की गई थी।
काउंसिल के अनुसार, इसके बाद रायगढ़ होकर प्रयागराज-विशाखापट्टनम स्पेशल ट्रेन का संचालन 22 फेरों के लिए शुरू किया गया था। ट्रेन के शुरू होने पर क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल बना था, लेकिन बाद में इसका संचालन बंद कर दिया गया। ट्रेड यूनियन काउंसिल ने ट्रेन के बंद होने पर नाराजगी जताते हुए इसे रायगढ़ की रेल सुविधाओं को लेकर उपेक्षा का विषय बताया।
इसी मुद्दे सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर सोमवार को आयोजित ध्यानाकर्षण प्रदर्शन में संगठन के सदस्यों ने 13 सूत्रीय मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद रेलवे महाप्रबंधक के नाम स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में रायगढ़ रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण कार्य की समय-सीमा निर्धारित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। इसके साथ ही चक्रधर नगर रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग भी रखी गई है। संगठन ने ट्रेनों की लेटलतीफी पर रोक लगाते हुए समय पर परिचालन सुनिश्चित करने तथा मेंटेनेंस के नाम पर ट्रेनों के निरस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग की है।
ट्रेड यूनियन काउंसिल ने गोंडवाना एक्सप्रेस में पैंट्री कार की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में रखी है। इसके अलावा रायगढ़ से गुजरने वाली सभी ट्रेनों का रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में रायगढ़ से कोरबा के बीच लोकल ट्रेन शुरू करने, दक्षिण भारत के लिए रायगढ़ होकर साप्ताहिक ट्रेन चलाने और तितलागढ़ रूट पर एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने की मांग भी शामिल है। संगठन ने प्रयागराज और बनारस के लिए रायगढ़ होकर ट्रेन शुरू करने की मांग भी रखी है।
रायगढ़ को रेलवे टर्मिनल के रूप में विकसित करने की मांग को प्रदर्शन में प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में महाराजा चक्रधर सिंह के नाम से रायगढ़ में रेल टर्मिनल स्थापित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही नर्मदा एक्सप्रेस का परिचालन रायगढ़ से शुरू करने तथा रायगढ़ से हावड़ा और रायगढ़ से पुरी के लिए वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की मांग भी रखी गई।
प्रदर्शन के दौरान स्टेशन परिसर में यात्री सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को भी स्टेशन अधीक्षक के सामने रखा गया। ट्रेड यूनियन काउंसिल के सदस्यों ने बताया कि रायगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। संगठन ने दावा किया कि शौचालय की सुविधा के अभाव में कुछ यात्री नालियों और दीवारों के आसपास पेशाब करने को मजबूर होते हैं।
इसके अलावा टिकट बुकिंग काउंटर पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की जानकारी भी स्टेशन अधीक्षक को दी गई। संगठन ने इन समस्याओं को ज्ञापन में विशेष टिप्पणी के रूप में दर्ज करने का आग्रह किया, ताकि यात्री सुविधाओं से जुड़े इन मुद्दों पर रेलवे प्रशासन का ध्यान जाए।
प्रदर्शन में ट्रेड यूनियन काउंसिल के संरक्षक वासुदेव शर्मा, प्रमोद शराफ, अध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह सहित विभिन्न बिरादराना संगठनों के साथी शामिल हुए। इनमें मदन पटेल, रघुवर प्रधान, रंकामनी बारीक, विजय पटवा, बिंदेश्वर राम रौतिया, विष्णु यादव, विनय पांडे, के.आर. यादव, गणेश मिश्रा, श्याम किशोर प्रधान, एस.एल. भगत, प्रकाश सिंह, इमरान आलम खान, अभिषेक सोनी, श्याम देवकर, हिदायत खान, निराकार चौहान, टिल्लो राम पटेल, मोहम्मद अनीस सिद्दीकी और खैमराज लहरे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

