रायगढ़ में बुधवार को आयोजित सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम से पहले तेज आंधी और बारिश के कारण रामलीला मैदान में लगाया गया कार्यक्रम का पंडाल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। तेज हवा और बारिश के कारण टेंट गिर गया और कुर्सियां भी बिखर गईं। हालात देखकर कार्यक्रम के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। हालांकि, भाजपा कार्यकर्ताओं ने रातभर मेहनत कर पंडाल को दोबारा व्यवस्थित किया और सुबह निर्धारित समय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें साझा करते हुए कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारी बारिश और तूफान के बीच रामलीला मैदान में लगाया गया पंडाल पूरी तरह उजड़ गया था। तस्वीरों में तेज आंधी-पानी के बाद गिरे हुए टेंट और बिखरी कुर्सियां दिखाई दे रही थीं।
ओपी चौधरी के मुताबिक, पंडाल की स्थिति देखने के बाद ऐसा लग रहा था कि निर्धारित कार्यक्रम का आयोजन मुश्किल हो सकता है। इसके बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी और पूरी रात पंडाल को दोबारा व्यवस्थित करने में जुटे रहे। कार्यकर्ताओं की मेहनत के बाद कार्यक्रम स्थल को फिर से तैयार किया गया और सुबह सेवा ज्योति यात्रा का कार्यक्रम अपने तय समय पर आयोजित हुआ।
वित्त मंत्री ने कार्यकर्ताओं के इस प्रयास को लेकर कहा कि हौसलों के आगे आंधियां भी नतमस्तक हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कार्यकर्ताओं का जोश और उमंग ही संगठन की ताकत है।
ओपी चौधरी ने भाजपा की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के इसी जोश और उमंग ने पार्टी को दो सीटों से पूर्ण बहुमत की सरकार तक पहुंचाया है। उन्होंने इसे भाजपा की असली ताकत बताया।
उन्होंने सेवा ज्योति यात्रा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रातभर मेहनत करने वाले सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया। चौधरी ने कार्यकर्ताओं के परिश्रम और समर्पण को कार्यक्रम की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
रायगढ़ में सेवा ज्योति यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत निकाली गई थी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। इसके बाद विकसित भारत-2047 का सामूहिक संकल्प कराया गया और सेवा ज्योति प्रज्ज्वलित कर यात्रा को रवाना किया गया था।
इससे पहले कार्यक्रम स्थल पर मौसम खराब होने के कारण पंडाल को नुकसान पहुंचा था। कार्यकर्ताओं ने रातभर काम कर आयोजन स्थल को फिर से तैयार किया, जिसके बाद निर्धारित कार्यक्रम को समय पर आयोजित किया जा सका।

