spot_img

Latest Posts

मीना बाजार के पास लौटाने लगे भाजपा पार्षद, ओपी चौधरी तक पहुंची बात, सियासी हलचल तेज

रायगढ़। शहर में चल रहे मीना बाजार को लेकर नगर निगम की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार नगर निगम के कई भाजपा पार्षदों ने उन्हें उपलब्ध कराए गए मीना बाजार के पास वापस लौटा दिए हैं। पास लौटाए जाने के पीछे वास्तविक वजह क्या है, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस घटनाक्रम को लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि नगर निगम की ओर से भाजपा पार्षदों को मीना बाजार के पास उपलब्ध कराए गए थे। इनमें से कई पार्षदों ने कथित तौर पर पास अपने पास रखने के बजाय उन्हें देने पहुंचे नगर निगम के कर्मचारी को दोबारा बुलाकर पास वापस कर दिए। इस घटनाक्रम की जानकारी सामने आने के बाद नगर निगम से जुड़े राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, कुछ भाजपा पार्षदों ने पास वापस करने के मामले की जानकारी रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी को भी दी है। हालांकि, इस संबंध में ओपी चौधरी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। ऐसे में पास लौटाने के पीछे पार्षदों की वास्तविक मंशा क्या थी, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।

बताया जा रहा है कि जिन पार्षदों ने अब तक मीना बाजार के पास वापस नहीं किए हैं, उनमें से कुछ पार्षद बुधवार को नगर निगम पहुंचकर पास जमा कर सकते हैं। हालांकि कितने भाजपा पार्षदों ने अब तक पास लौटाए हैं और कितने पार्षद आगे पास वापस करने वाले हैं, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

पास लौटाए जाने के पीछे पार्षदों की नाराजगी की चर्चा जरूर है। सूत्रों के हवाले से नगर निगम से जुड़े कुछ भाजपा नेताओं की कार्यशैली और मीना बाजार से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर कुछ पार्षदों के असंतुष्ट होने की बात कही जा रही है। हालांकि इन चर्चाओं की संबंधित पार्षदों या भाजपा संगठन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मीना बाजार को लेकर रायगढ़ में इससे पहले भी विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठते रहे हैं। अगस्त में कांग्रेस नेताओं की ओर से आम लोगों से लिए जाने वाले प्रवेश शुल्क को समाप्त करने की मांग को लेकर महापौर को ज्ञापन सौंपे जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद सितंबर में मीना बाजार के स्टॉल और टैक्स से जुड़े आरोपों को लेकर भी एक स्थानीय रिपोर्ट सामने आई थी।

इसी पृष्ठभूमि में भाजपा पार्षदों के पास वापस करने की चर्चा ने नगर निगम की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पास लौटाने का मामला किसी व्यापक राजनीतिक असहमति का संकेत है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।

यदि बुधवार को और भाजपा पार्षद मीना बाजार के पास वापस करते हैं तो इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं और बढ़ सकती हैं। वहीं, संबंधित पार्षदों, नगर निगम नेतृत्व या भाजपा संगठन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Latest Posts

spot_img

Don't Miss