रायगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता में अब तक 162 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। प्रतियोगिता में रायगढ़ और छत्तीसगढ़ के अलावा रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि मिली है। प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा और पुरस्कार वितरण समारोह 3 अक्टूबर को रायगढ़ के ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रतियोगिता में चयनित विजेता फिल्मों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी।
साइबर अपराधों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों से बचाव को लेकर लघु फिल्में और फिल्म-रील तैयार की हैं। प्राप्त फिल्मों का मूल्यांकन फिल्म निर्माण और रंगमंच के क्षेत्र से जुड़े अनुभवी लोगों की निर्णायक मंडल द्वारा किया जा रहा है।
प्रतियोगिता में पारदर्शिता और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक मंडल में फिल्म निर्देशक मनोज वर्मा को शामिल किया गया है। उनके निर्देशन में बनी फिल्म ‘भूलन द मेज’ को सर्वश्रेष्ठ छत्तीसगढ़ी फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। निर्णायक मंडल में योगेंद्र चौबे भी शामिल हैं, जिनकी फिल्मों को देश-विदेश में पहचान मिली है।
इसके अलावा अनुभवी रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार और अभिनय प्रशिक्षक सुनील चिपड़े को भी निर्णायक मंडल का सदस्य बनाया गया है। निर्णायक मंडल द्वारा प्राप्त फिल्मों की स्क्रीनिंग कर निर्धारित मानकों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जा रहा है।
प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान रायगढ़ पुलिस की ओर से तैयार की गई साइबर जागरूकता पर आधारित शॉर्ट फिल्म ‘द साइबर ट्रैप’ की भी स्क्रीनिंग की जाएगी। यह फिल्म लघु फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं है। इसे रायगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
‘द साइबर ट्रैप’ में रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह मुख्य किरदार में नजर आएंगे। उनके साथ पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी फिल्म में भूमिका निभा रहे हैं। इनमें अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष श्रीवास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दीपेश महंत और हर्ष बैरागी सहित अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
फिल्म की कहानी और निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह ने किया है। फिल्म के माध्यम से साइबर अपराधों के बदलते तरीकों को सामने लाने और लोगों को सतर्क रहने का संदेश देने का प्रयास किया गया है।
लघु फिल्म प्रतियोगिता को दो श्रेणियों में रखा गया है। श्रेणी ‘अ’ में 3 से 6 मिनट की शॉर्ट फिल्में शामिल हैं। इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 75 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपये निर्धारित किया गया है।
वहीं श्रेणी ‘ब’ में अधिकतम 3 मिनट की फिल्म-रील को शामिल किया गया है। इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 75 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये रखा गया है।
रायगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता में 162 फिल्मों का पहुंचना अभियान की व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। रूस से फिल्म की प्रविष्टि मिलने से प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भागीदारी दर्ज हुई है। 3 अक्टूबर को आयोजित होने वाले समारोह में परिणाम घोषित किए जाएंगे और चयनित विजेता फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।

