रायगढ़। वित्त मंत्री ओपी चौधरी पर शून्य को कमतर आंककर आर्यभट्ट का अपमान करने का आरोप लगाए जाने के बाद भाजयुमो जिलाध्यक्ष सुमीत शर्मा ने जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अनिल शुक्ला पर पलटवार किया है। उन्होंने आरोप को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि आर्यभट्ट के शून्य का अपमान कांग्रेस कर रही है, भाजपा नहीं। उनके मुताबिक, ओपी चौधरी ने शून्य के महत्व को कम नहीं किया, बल्कि कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का चित्रण किया है।
सुमीत शर्मा ने कहा कि आर्यभट्ट ने शून्य की खोज के माध्यम से भारत को विश्व में विशेष पहचान दिलाई। शून्य का अर्थ पूर्णता, अनंतता और ब्रह्म से जुड़ा है। उन्होंने वेदों की पंक्ति ‘पूर्णमदः पूर्णमिदम् पूर्णात् पूर्णमुदच्यते’ का उल्लेख करते हुए कहा कि शून्य अपमान नहीं, बल्कि सृजन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चुनावी परिणामों की समीक्षा राजनीतिक प्रक्रिया है और इसे वैज्ञानिक अपमान से जोड़ना उचित नहीं है।
शर्मा ने रायगढ़ विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि ओपी चौधरी ने कांग्रेस को 65 हजार वोटों से हराया था। उनके अनुसार, यह रायगढ़ के इतिहास में कांग्रेस की सबसे बड़ी हार थी। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद लोकसभा और नगरीय निकाय चुनावों में भी जनता ने कांग्रेस को नकार दिया। उन्होंने इसे कांग्रेस के राजनीतिक रूप से कमजोर होने का संकेत बताया।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने भाजपा की राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने दो सीटों से शुरुआत की और आज पूर्ण बहुमत तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए शून्य संघर्ष की पहली सीढ़ी है, जबकि कांग्रेस 400 सीटों से घटकर कई राज्यों में शून्य पर पहुंच गई है।
सुमीत शर्मा ने शून्य को लेकर दो प्रतीकात्मक अर्थ भी बताए। उन्होंने भाजपा के शून्य को शिवत्व और संघर्ष से जुड़ा बताया, जबकि कांग्रेस के शून्य को अहंकार, परिवारवाद और सत्ता के मद से जोड़कर निशाना साधा। उन्होंने अनिल शुक्ला को सलाह दी कि आर्यभट्ट के शून्य पर सवाल उठाने के बजाय कांग्रेस को अपनी राजनीतिक स्थिति पर आत्मचिंतन करना चाहिए।

