* विश्व दृष्टि दिवस 8 अक्टूबर 2026**आँख है तो जहान है – चोट से बचाओ, रोशनी बचाओ
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*विश्व दृष्टि दिवस पर विशेष
*पलारी। भटगांव* विश्व दृष्टि दिवस बीपीटी वर्ष द्वितीय गुरुवारबको मनाया जाता है। इस वर्ष यह 8 अक्टूबर को है। दृष्टि ठीक रहे ,बीमारी व छोटे से बची रहे इसलिए आम नागरिक को ज्यादा से ज्यादा जागरूकबकरेबकी वे अपनी आंख की रक्षा करे और दृष्टि बचाए रखे
*1. दृष्टि क्या है?*
आँख कैमरे जैसी है। रोशनी लेंस से रेटिना (पर्दे) पर फोकस होती है, तब साफ दिखता है। फोकस बिगड़ा या पर्दे/लेंस में चोट लगी तो दृष्टि गई।
*2. दृष्टि के मुख्य दोष*
*A. चश्मे वाले दोष:* निकट दृष्टि (दूर धुंधला), दूर दृष्टि (पास धुंधला), अबिंदुकता (तिरछा दिखना), प्रेसबायोपिया (40 के बाद पास में दिक्कत)।
*B. बीमारी वाले दोष:* मोतियाबिंद (सफेदी), काला मोतिया (प्रेशर से नस सूखना), डायबिटिक पर्दा खराब, भेंगापन।
*C. चोट से दृष्टि दोष – सबसे रोकने योग्य:* ये सबसे दुखद है क्योंकि 90% चोटें रोकी जा सकती हैं।
*3. दृष्टि दोष और चोट के कारण*
*A. आम कारण:* ज्यादा मोबाइल, विटामिन A की कमी, शुगर-BP, उम्र, वंश, नशा।
*B. चोट से दृष्टि जाने के कारण – ध्यान दें:*
*1. बच्चों में:* गुल्ली-डंडा, तीर-कमान, पेन की नोक, पेंसिल, दिवाली के पटाखे, फटे गुब्बारे से – कॉर्निया फट जाता है।
*2. किसानों-मजदूरों में:* फसल काटते समय धान/गेहूं की लाई, भूसा, लोहे का कण, गोबर का छींटा, कीटनाशक स्प्रे सीधा आँख में।
*3. कारखाना-वेल्डिंग में:* बिना चश्मे के वेल्डिंग – UV से पर्दा जलना, लोहे का बुरादा। बढ़ाई ,राजमिस्त्री जैसे कामगारों को सावधानी बरतनी होगी
*4. सड़क हादसा:* बाइक में बिना हेलमेट/चश्मे के कंकड़, धूल।
*5. घरेलू चोट:* चूना, तेजाब, गरम तेल का छींटा, सुई।
एक छोटी सी लाई भी अंदर रह जाए तो 24 घंटे में आँख में सड़न (इंफेक्शन) और रोशनी हमेशा के लिए खत्म।
*4. इलाज – दोष को कैसे ठीक करें*
– जांच हर 6 माह, 40 बाद साल में एक बार।
– सही नंबर का चश्मा शर्म नहीं, इलाज है।
– मोतियाबिंद 10 मिनट का ऑपरेशन, लेंस से रोशनी वापस।
– *चोट लगे तो तुरंत क्या करें और क्या न करें:*
– *करें:* आँख को साफ हाथ से बंद रखें, तुरंत डॉक्टर के पास भागें। लोहे का कण हो तो आँख न रगड़ें।
– *न करें:* गंदा पानी, हल्दी, दूध, गुलाब जल कुछ न डालें। खुद निकालने की कोशिश न करें। पट्टी कसकर न बांधें।
– सुनहरा समय 6 घंटे है – देर की तो आँख निकालनी पड़ती है।
*5. आम नागरिक दृष्टि कैसे बचाए – 7 सूत्र*
*1. चोट से बचाव (नया सूत्र):*
– बच्चों को नुकीले खिलौने, पटाखे अकेले न दें। गुल्ली-डंडा की जगह बैट-बॉल दें।
– खेत में काम करते समय सस्ता सेफ्टी चश्मा (20 रुपये वाला भी चलेगा) जरूर पहनें।
– वेल्डिंग, ग्राइंडर, हथौड़ी पर बिना काला चश्मा/गॉगल के काम नहीं।
– बाइक पर हमेशा चश्मा या हेलमेट का शीशा नीचे।
*2. 20-20-20 नियम:* हर 20 मिनट स्क्रीन के बाद 20 सेकंड 20 फीट दूर देखें।
*3. खानपान:* गाजर, पपीता, हरा साग, आंवला, अंडा – विटामिन A रोज।
*4. रोशनी:* अंधेरे में मोबाइल नहीं, पढ़ते समय पीछे से उजाला।
*5. सफाई:* गंदे हाथ से आँख न रगड़ें, दिन में 2 बार साफ पानी के छींटे।
*6. धूप से बचाव:* UV वाला काला चश्मा। *7 मिडिल स्कूल के सभी छात्र छात्राओं की आंख की जांच अनिवार्यतः हो*
*7. नेत्रदान:* मृत्यु बाद नेत्रदान
*नारा: चोट रोकेंगे, रोशनी बचाएंगे – आँख है तो जहान है।*
*डॉ एफ आर निराला, MBBS*
*निराला हॉस्पिटल, पलारी |

