
सारंगढ़ । जिले के दानसरा में अटल विहार योजना के तहत 50 एमआईजी घर, 252 एलआईजी घर, 152 ईडब्ल्यूएस घर बनाने और 10.094 हेक्टेयर ज़मीन के विकास का काम टेण्डर होने के बाद भी अब तक वित्त स्वीकृति हेतु रूका हुआ है जिससे शासन की एक यशस्वी योजना जिससे कई नागरिकों को एक सीमित बजट में अच्छी क्वालिटी का घर मिलता है ,अधर में लटकी हुई है।जिससे बजट में घर खरीदने का सपना संजोए नागरिकों को जो कम से कम दीपावली में ऩए घर मे दीपक जलाने का सपना संजोए हुए थे । गहरे दुख व आक्रोश में भी हैं वहीं इसके बारे में विपक्षी पार्टियों के भी बडे आंदोलन की चर्चाएं भी हों रही हैं।
वहीं सम्बंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी अनुसार सारंगढ़ जिले के दानसरा में प्रस्तावित अटल विहार योजना का कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी धरातल पर शुरू न होने के पीछे मुख्य रूप से प्रशासनिक प्रक्रियाएं, आवंटन चक्र और बुकिंग की स्थिति जिम्मेदार हैं। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा इस 82 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत 454 मकानों (50 MIG, 252 LIG, 152 EWS) और 10 हेक्टेयर भूमि के विकास का टेंडर जुलाई 2026 में क्लोज किया गया था। इसके बावजूद काम में देरी के प्रमुख कारण
पंजीयन और आवेदन चक्र जारी होना हाउसिंग बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (CGHB) के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के लिए हितग्राहियों के ऑनलाइन आवेदन और ऑफर खोलने की प्रक्रिया अगस्त और सितंबर 2026 तक (15-दिवसीय चक्रों में) चल रही थी। जब तक पर्याप्त संख्या में बुकिंग और आवंटन की प्रारंभिक औपचारिकताएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक निर्माण कार्य पूरी गति से शुरू नहीं किया जाता।
अग्रिम राशि (पंजीयन) की अनिवार्यता: नियमानुसार, हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए एक निश्चित कोटा में आवेदकों का होना और उनके द्वारा निर्धारित अग्रिम राशि जमा करना आवश्यक होता है ताकि प्रोजेक्ट का वित्तीय फ्लो बना रहे।।वर्क ऑर्डर और साइट मोबिलाइजेशन: टेंडर क्लोज होने के बाद ठेकेदार (Contractor) को आधिकारिक वर्क ऑर्डर (Work Order) जारी करने, साइट का अंतिम लेआउट तैयार करने और आवश्यक निर्माण सामग्रियां जुटाने (Site Mobilization) में प्रशासनिक स्तर पर कुछ समय लगता है।

