रायगढ़ पुलिस ने विभिन्न एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थों और प्रतिबंधित नशीली दवाइयों के विधिवत नष्टीकरण की कार्रवाई की। पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार 2 अक्टूबर को जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल समिति की निगरानी में यह कार्रवाई की गई। इस दौरान रायगढ़ जिले के 16 एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त 415.991 किलोग्राम गांजा, गांजा के तीन पौधे और 637 नग प्रतिबंधित सिरप, टैबलेट एवं कैप्सूल नष्ट किए गए। नष्ट किए गए मादक पदार्थों और नशीली दवाइयों की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 8 लाख 26 हजार 399 रुपये बताई गई है।
रायगढ़ पुलिस के अनुसार, जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल समिति के अध्यक्ष उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। कार्रवाई के दौरान विभिन्न एनडीपीएस मामलों में जब्त सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया।
पुलिस के मुताबिक, 16 अलग-अलग एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त 415.991 किलोग्राम गांजा और तीन गांजा पौधों का नष्टीकरण एसएसपी स्टील एंड पॉवर लिमिटेड के जामगांव प्लांट की भट्ठी में किया गया। इसके लिए जब्त मादक पदार्थों को नियमानुसार प्लांट परिसर में ले जाया गया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आग में जलाकर नष्ट किया गया।
इसी तरह विभिन्न एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त प्रतिबंधित नशीली दवाइयों का भी नष्टीकरण किया गया। इनमें 108 नग प्रतिबंधित सिरप तथा 529 नग प्रतिबंधित टैबलेट और कैप्सूल शामिल थे। कुल 637 नग नशीली दवाइयों को प्लांट परिसर के पास बुलडोजर और रोड रोलर की मदद से कुचलकर नष्ट किया गया। इसके बाद इन दवाइयों को गड्ढे में दबाकर नष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस के अनुसार, नष्टीकरण की यह कार्रवाई जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल समिति की निगरानी में नियमों के अनुरूप की गई। पूरी प्रक्रिया के दौरान समिति के अध्यक्ष शशि मोहन सिंह, सदस्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायगढ़ अनिल सोनी, उप पुलिस अधीक्षक रायगढ़ उत्तम प्रताप सिंह, जिला आबकारी अधिकारी अभिषेक तिवारी तथा पंच मौजूद रहे।
रायगढ़ पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थ और प्रतिबंधित नशीली दवाइयां लंबे समय तक सुरक्षित रखने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट की जाती हैं। इसी क्रम में जिले के 16 मामलों में जब्त सामग्री का नष्टीकरण किया गया। कार्रवाई में गांजा और गांजा पौधों को भट्ठी में जलाया गया, जबकि प्रतिबंधित सिरप, टैबलेट और कैप्सूल को मशीनों की सहायता से नष्ट कर गड्ढे में दबाया गया।
पुलिस के मुताबिक, नष्टीकरण की गई पूरी सामग्री की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 8 लाख 26 हजार 399 रुपये है। कार्रवाई के दौरान समिति के सदस्यों और पंचों की मौजूदगी में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। रायगढ़ पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत जिला स्तर पर जब्त मादक पदार्थों के सुरक्षित और नियमानुसार नष्टीकरण की प्रक्रिया का हिस्सा थी।

