रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बुधवार को एनआईसी कक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नामांतरण, सीमांकन, नक्शा-बटांकन समेत विभिन्न प्रकरणों की जानकारी लेते हुए सभी लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि बारिश का मौसम अब समाप्त हो गया है। ऐसे में सभी राजस्व अधिकारी पूरी सक्रियता के साथ काम करते हुए लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाएं। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व मामलों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वन अधिकार पट्टा और फौती नामांतरण पर भी जोर
बैठक में वन अधिकार पट्टा और फौती नामांतरण से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि इन मामलों का नियमानुसार त्वरित निराकरण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने डीसीएस कार्य को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
भूमि आवंटन में एनओसी के कारण देरी न हो
विभिन्न शासकीय विभागों को भूमि आवंटन से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनओसी की प्रक्रिया के कारण प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए।
कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा, ताकि शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों के लिए भूमि आवंटन में देरी न हो।
मिसल-खसरा मिलान को प्राथमिकता देने के निर्देश
कलेक्टर ने मिसल से खसरा मिलान की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों का दुरुस्तीकरण और मिसल-खसरा मिलान आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक राजस्व व्यवस्था तैयार करने से सीधे जुड़ा है। इसलिए इन कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
पंचायत समाधान मंच का अधिक उपयोग करें
बैठक में पंचायत समाधान मंच की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि पंचायत समाधान मंच मध्यस्थता के जरिए प्रकरणों के निराकरण का प्रभावी माध्यम है। इसका अधिक से अधिक उपयोग कर स्थानीय स्तर पर मामलों के समाधान को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने न्यायालयीन प्रकरणों का भी प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि न्यायालय केवल प्रकरणों के लंबित रहने का केंद्र न बने।
ग्राम सर्वेक्षण और राजस्व वन भूमि की सुरक्षा पर जोर
कलेक्टर ने मसाहती और असर्वेक्षित ग्रामों के सर्वे कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए।
राजस्व वन भूमि में वृक्ष कटाई के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि आवश्यक परिस्थितियों में वृक्ष कटाई की अनुमति केवल नियमानुसार दी जाए। किसी भी स्थिति में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करने और अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

