रायगढ़। लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित तमनार-मीलूपारा-कुंजारा-उरबा-लै
यह मार्ग तमनार के औद्योगिक क्षेत्र को लैलूंगा से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब होने के कारण इस मार्ग से आवागमन करने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। विशेषकर बारिश के दौरान जर्जर सड़क के कारण आवागमन और अधिक कठिन होने की बात सामने आई है। क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तमनार-मीलूपारा-कुंजारा-उरबा-लै
इस मांग को लेकर क्षेत्रीय जनता द्वारा लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। जारी जानकारी में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को लेकर भी भाजपा की ओर से आरोप लगाए गए हैं। भाजपा का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में स्थानीय जनप्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को मंजूरी नहीं दिला पाए। पार्टी के अनुसार, इसके कारण सड़क निर्माण की मांग लंबे समय तक आश्वासनों तक सीमित रही।
भाजपा सरकार के गठन के बाद क्षेत्र की जनता ने इस सड़क को लेकर फिर से मांग उठाई। जारी जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने परियोजना को प्राथमिकता में शामिल किया और शासन स्तर पर प्रस्ताव को आगे बढ़ाया। वित्त विभाग से मिली 7415.18 लाख रुपये की वित्तीय सहमति को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
इस सड़क के निर्माण से तमनार औद्योगिक क्षेत्र और लैलूंगा के बीच आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। मार्ग से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी आने-जाने में सुविधा मिलने की बात कही गई है। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के लोगों को जर्जर सड़क और बारिश के दौरान होने वाली आवागमन संबंधी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच के लिहाज से भी इस मार्ग को महत्वपूर्ण बताया गया है। सड़क की स्थिति बेहतर होने से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को लैलूंगा, तमनार और जिला मुख्यालय रायगढ़ स्थित बड़े अस्पतालों तक ले जाने में सुविधा हो सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाला समय कम होने की संभावना है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सड़क परियोजना का असर पड़ने की उम्मीद है। मार्ग से जुड़े गांवों के स्कूली विद्यार्थियों और महाविद्यालयीन छात्रों के लिए आवागमन सुगम होने की बात कही गई है। सड़क की बेहतर स्थिति से विद्यार्थियों के आने-जाने में सुविधा और सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
कृषि और व्यापार के लिहाज से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्षेत्र के किसानों को अपनी कृषि उपज मंडियों और अन्य बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलने की संभावना है। इसके साथ ही तमनार औद्योगिक क्षेत्र से लैलूंगा की कनेक्टिविटी बेहतर होने पर स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

