छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी को भारतीय जनता पार्टी के प्रस्तावित Gen-Z Outreach Programme की टीम में शामिल किया गया है। पार्टी की ओर से बनाई गई इस टीम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े के साथ गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी भी शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य युवाओं के साथ सीधे संवाद को मजबूत करना और उनकी आकांक्षाओं, चिंताओं व प्राथमिकताओं को समझना है।
भाजपा ने देश के युवा वर्ग से संवाद बढ़ाने के लिए विशेष Gen-Z आउटरीच टीम गठित की है। 22 अगस्त को सामने आई जानकारी के अनुसार ओपी चौधरी इस टीम का हिस्सा होंगे। टीम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े और हर्ष सांघवी जैसे नेता भी शामिल हैं। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब राजनीतिक दल युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर जोर दे रहे हैं। भाजपा की योजना युवाओं के साथ अधिक प्रत्यक्ष और नियमित संवाद स्थापित करने की है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार Gen-Z Outreach Programme में युवाओं की सोच, आकांक्षाओं और उनकी प्राथमिकताओं को समझने पर जोर रहेगा। इसके लिए प्रत्यक्ष संवाद, चर्चा और डिजिटल माध्यमों के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने की योजना है। ऐसे में ओपी चौधरी को टीम में शामिल किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए भी महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी टीम के भीतर किसी विशिष्ट पद या व्यक्तिगत कार्यक्रम की विस्तृत जिम्मेदारी अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
ओपी चौधरी राजनीति में आने से पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं। दंतेवाड़ा कलेक्टर के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में उनके काम की चर्चा रही है। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति का रास्ता चुना और छत्तीसगढ़ की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि और तकनीक एवं शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता को उनके सार्वजनिक प्रोफाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
ओपी चौधरी के राजनीतिक और प्रशासनिक सफर में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के हाथों मिला सम्मान भी उल्लेखनीय रहा है। दंतेवाड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया था। यही प्रशासनिक अनुभव अब उनके राजनीतिक प्रोफाइल का हिस्सा है और भाजपा के युवा-केंद्रित आउटरीच में भी इसका इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।
मोदी के कार्यक्रम में भी रहे चर्चा मेंजनवरी 2025 में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘विकसित भारत-यंग लीडर्स डायलॉग’ में भी ओपी चौधरी की मौजूदगी चर्चा में रही थी। आपके दिए स्रोत के अनुसार, उन्हें इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अगली पंक्ति में स्थान मिला था।
हालांकि, वर्तमान Gen-Z Outreach Team में उनकी वास्तविक भूमिका को लेकर अभी पार्टी की ओर से विस्तृत आधिकारिक कार्यविभाजन सामने नहीं आया है।
भाजपा की Gen-Z पहल को आगामी चुनावी रणनीति के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है। पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में भी संगठनात्मक स्तर पर युवा और नए चेहरों को जगह दी गई है। भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में 65 सदस्य हैं और इसे आगामी विधानसभा चुनावों तथा 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
Gen-Z Outreach Programme इसी व्यापक रणनीति का एक हिस्सा है, जिसमें युवा वर्ग के साथ पार्टी के संवाद को ज्यादा व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर की इस टीम में ओपी चौधरी की मौजूदगी छत्तीसगढ़ के राजनीतिक नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण है। रायगढ़ से निकलकर राज्य सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभालने वाले चौधरी अब भाजपा के राष्ट्रीय युवा आउटरीच अभियान में भी नजर आएंगे। हालांकि इसे सीधे किसी चुनावी टिकट या भविष्य की राष्ट्रीय पदोन्नति से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल स्पष्ट तथ्य यही है कि भाजपा ने उन्हें Gen-Z Outreach Programme के लिए गठित टीम में शामिल किया है।
भाजपा की इस पहल के जरिए आने वाले समय में विश्वविद्यालयों, युवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संवाद बढ़ने की संभावना है। पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीतिक संदेश पहुंचाना नहीं, बल्कि युवा वर्ग की समस्याओं और अपेक्षाओं को सीधे समझना भी बताया गया है।

