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चार सूत्रीय मांगों को लेकर सहायक शिक्षकों का धरना, स्कूलों की पढ़ाई रही प्रभावित

रायगढ़। वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान करने, विद्या शिक्षा वीएस ऐप की अनिवार्यता समाप्त करने तथा टेट की बाध्यता खत्म करने सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले जिले के शिक्षकों ने स्थानिय विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान शिक्षकों द्वारा एक विशाल रैली निकालते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी गारंटी को पूरा करने की मांग के साथ कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर कर क्रमोन्नत वेतनमान दिए जाने की मांग लंबे समय से लंबित है। चुनाव से पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा इस संबंध में गारंटी दी गई थी, किंतु सत्ता में आने के सालभर बाद भी अब तक इस पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसी के विरोध में प्रदेश संगठन के आह्वान पर प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक साथ प्रदर्शन किया जा रहा है।

विद्या शिक्षा ऐप की अनिवार्यता पर आपत्ति

शिक्षक फेडरेशन ने विद्या शिक्षा (वीएस) ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। संगठन का कहना है कि व्यक्तिगत मोबाइल में ऐप डाउनलोड कर उपस्थिति दर्ज कराने से शिक्षकों की निजता को खतरा है, साथ ही साइबर धोखाधड़ी की आशंका भी बनी रहती है। इसलिए ऐप की अनिवार्यता तत्काल समाप्त की जाए।इसके अलावा संगठन ने एलबी संवर्ग के शिक्षकों को दिए जा रहे समस्त लाभ सहायक शिक्षकों को भी प्रदान करने तथा टेट की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग प्रमुखता से रखी।

शिक्षक आंदोलन से प्रभावित हुई पढ़ाई

एक ओर शासन स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रयासरत होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों के आंदोलनों का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के इस एक दिवसीय आंदोलन का प्रभाव जिलेभर के स्कूलों में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में शिक्षक प्रदर्शन में शामिल होने के कारण कई स्कूलों में शिक्षण कार्य पूरी तरह से बाधित रहा। इससे छात्रों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा शीघ्र उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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