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रायगढ़ में जल संरक्षण की बड़ी उपलब्धि: 31,157 कार्यों में 29,947 पूरे, अब JSJB 3.0 पर फोकस

जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल संवर्धन को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाने की दिशा में रायगढ़ जिले ने जल संचय जन भागीदारी (JSJB) 2.0 के तहत बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। 27 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार जिले में विभिन्न विभागों और संस्थाओं के माध्यम से कुल 31,157 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य दर्ज किए गए। इनमें से 29,947 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 1,210 कार्य अभी प्रगतिरत हैं। अब इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए जिले ने JSJB 3.0 में जल संरचनाओं के संरक्षण, पुनर्जीवन और बेहतर उपयोग पर जोर देने का संकल्प लिया है।

31 हजार से ज्यादा जल संरक्षण कार्य

JSJB 2.0 के तहत रायगढ़ में अलग-अलग विभागों ने मिलकर बड़े स्तर पर जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन के काम किए। कुल 31,157 दर्ज कार्यों में से करीब 30 हजार कार्य पूरे होने से जिले में जल संरक्षण अभियान के व्यापक स्तर का पता चलता है। इन कार्यों का उद्देश्य बारिश के पानी को अधिक से अधिक स्थानीय स्तर पर रोकना, भू-जल रिचार्ज बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों की उपयोगिता बनाए रखना है।

जिला पंचायत ने किए सबसे ज्यादा काम

अभियान में जिला पंचायत की भूमिका सबसे बड़ी रही। रिपोर्ट के अनुसार जिला पंचायत द्वारा 22,906 कार्य दर्ज किए गए, जिनमें 21,929 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसके अलावा वन मंडल रायगढ़ ने 3,971 और वन मंडल धरमजयगढ़ ने 2,342 कार्य दर्ज किए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से 1,185 कार्य दर्ज किए गए। नगर निगम रायगढ़ ने 328 कार्य किए, जबकि जल संसाधन विभाग के रायगढ़ और धरमजयगढ़ संभागों में क्रमशः 92 और 102 कार्य दर्ज किए गए।

वीबी-जीराम जी और मनरेगा से 1332 काम

ग्राम स्तर पर जल संरक्षण को मजबूती देने के लिए वीबी-जीराम जी और मनरेगा के माध्यम से कुल 1,332 जल संरक्षण कार्य लिए गए हैं। इनमें वीबी-जीराम जी के तहत 757 और मनरेगा के तहत 575 कार्य शामिल हैं। इन योजनाओं के जरिए गांवों में छोटे और स्थानीय स्तर के जल संरक्षण ढांचे विकसित करने पर जोर दिया गया।

रिचार्ज पिट से लेकर तालाब तक

इन 1,332 कार्यों में कई तरह की जल संरक्षण संरचनाएं शामिल हैं। इनमें 509 रिचार्ज पिट और सोक पिट, 92 लूज बोल्डर चेक डैम, 66 वर्षा जल संचयन संरचनाएं और 55 तालाब गहरीकरण एवं सफाई के कार्य शामिल हैं। इसके अलावा 36 ट्रेंच एवं जल अवशोषण खाई, 32 गैबियन संरचनाएं, 21 अर्थन गली प्लग और 36 सैंड फिल्टर फॉर बोरवेल के कार्य भी किए जा रहे हैं। जल संरक्षण को हरित विकास से जोड़ते हुए 251 पौधरोपण कार्य भी इस अभियान का हिस्सा हैं।

गांवों में जल सुरक्षा पर जोर

अभियान में अजीविका डबरी के 114, नाला सफाई के 66 और नावा तरिया के 23 कार्य भी शामिल हैं। इसके साथ परकोलेशन टैंक, खुले कुएं, कच्ची नाली और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं पर भी काम किया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य बारिश के पानी को गांवों में रोकना, भू-जल पुनर्भरण बढ़ाना और उपलब्ध जल स्रोतों की क्षमता को बनाए रखना है। अब JSJB 3.0 की तैयारी JSJB 2.0 के बाद रायगढ़ अब JSJB 3.0 यानी जल संचयन जन भागीदारी-कैच द रेन अभियान में सक्रिय भागीदारी करेगा। इस चरण में केवल नई जल संरचनाएं बनाने के बजाय पहले से बनी संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन पर भी ध्यान दिया जाएगा। तालाब, डबरी, नाला, कुआं और रिचार्ज संरचनाओं के सुधार एवं प्रभावी उपयोग को प्राथमिकता देने की योजना है।

जल संरक्षण से आजीविका भी जुड़ेगी

JSJB 3.0 में जल संरक्षण को ग्रामीण आजीविका, कृषि और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने पर भी जोर रहेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय जल आवश्यकता और उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए कार्यों की पहचान की जाएगी।
इससे जल संरक्षण को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित रखने के बजाय गांवों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास होगा।

हर बूंद सहेजने का लक्ष्य

रायगढ़ जिले के लिए JSJB 3.0 का फोकस अब हर बूंद के संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और गांवों को जल सुरक्षा की ओर ले जाने पर रहेगा।

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